सबसे मुश्किल काम:- बच्चों का लालन पालन

Discussion in 'Other' started by admin, Jul 18, 2018.

  1. admin

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    हर माँ बाप का पहला और आखरी सपना सुशील संस्कारी सभ्य कुशाग्रबुद्धि व स्वस्थ बच्चा

    राष्ट्रगुरु अमर शहीद भाई राजीव दीक्षित जी व आयुर्वेद शास्त्र के अनुसार

    14 वर्ष की उम्र तक बच्चे कफ के प्रभाव में होते हैं।

    हृदय से ऊपर मस्तिष्क के आखरी बिंदु कफ का क्षेत्र है। बच्चों में ज्यादा तर सर्दी खाँसी जुकाम बुखार आँख नाक कान के रोग ही होते हैं।

    कफ जब नियंत्रण में होता है तो प्रेम व कल्पनाशीलता प्रदान करता है। कफ अधिक होने पर चिड़चिड़ापन, क्रोध,उदंडता आती है।

    कफ नियंत्रण करने हेतु घरेलू उपाय

    1. अच्छी नींद (10 से 12 घंटे)

    2. मालिश कम से कम दो बार (सर , कान , छाती व सम्पुर्ण शरीर) तेल से सरसो,जैतून,तिल या नारियल से (आप अपने क्षेत्र के अनुकूल पाए जाने वाले तेल) मालिश तब तक करनी है जब तक सर या बगल(कांख) में पसीना न आ जाये
    आंखों में देशी घी डाले या काजल लगाए साथ ही कान में तेल डाले।

    3. मालिश के बाद स्नान ( उबटन से- मुलतानी मिट्टी, चने या मसूर या मूंग गेहूं के मोठे आटे से या चन्दन पाउडर से) साबुन भूल कर भी न लगाएं।

    4.खान पान में (गुड़,मख्खन, दूध,दही,छाछ,घी,शुद्ध तेल व हर मोटा अनाज ) व सामान्य भोजन मैदा से बनी खाद्य पदार्थ भूल कर भी न दें। मौसम के फल ही दें नियमित व कम मात्रा में ।

    आप चाहे तो अपने बच्चों को इस का सेवन करा सकते हैं जरूरी नहीं है आयुर्वेद कहता है आपका भोजन जो पच जाए सर्वोत्तम है अन्यथा जहर अगर आप अपने बच्चों को बाजार के विभिन्न पोष्टिकता वाले दे रहे हैं इस बात का ख्याल जरूर रखे कि वो पच रहा है या नहीं। आजकल सभी माँ बाप अपने बच्चों को स्वस्थ शक्तिशाली बुद्धिमान बनाने हेतु न जाने कितने शक्तिबर्धक चूर्ण,सिरप या अन्य पदार्थ का सेवन करा रहे हैं भाई राजीव दीक्षित जी के अनुसार मिक्स हर चीज नुकसान दायक है ।

    बच्चों को रात के दूध में हल्दी,दालचिनी, इलायची,सौठ,छुहारे,किशमिश,मुन्नका, बादाम,काजू,पिस्ता, मखाना ,अश्वगंधा, घी इत्यादि

    5.बच्चों को सूर्यास्त के 2 घण्टे के अंदर ही सो जाएं ऐसा माहौल बनाये।

    6. उनकी कल्पनाओं को बढ़ाने वाली कहानी सुनाये लम्बी करके। सुनते सुनते सो जाएं तो बहुत अच्छा।

    7.अपने बच्चों को जैसा बनना चाहते हैं वैसी ही कहानी सुनाए।

    8. बच्चों के सवाल का गलत जबाब कभी न दें।

    9. कोशिशें ही कामयाब होती है।

    10. आज से 30 साल से पहले के बच्चों को देखे और आज के बच्चों को अंतर समझ मे आजायेगा।

    भारतवर्ष के उज्ज्वल भविष्य हेतु इस संदेश को हर घर मे पहुचाये।
     

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