साइटिका, गठिया का दर्द, कमर का दर्द ,जोड़ों का दर्द और कंधे की जकड़न को सिर्फ़ 1 मिनट में ख़त्म करने क

Discussion in 'Back Pain | पीठ दर्द' started by admin, Jul 6, 2018.

  1. admin

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    शरीर में दर्द होना एक आम समस्या है। लेकिन इसके लिए यह तो जरूरी नहीं है कि आप दर्द निवारक दवाईयों का सेवन करें। भारत में अक्सर देखा गया है कि यदि शरीर के किसी भी अंग में दर्द हो रहा होता है तो वे तुरंत दर्द नाशक गोलियां खा लेते हैं। जिसके दुष्प्रभाव उन्हें आगे चलकर झेलने पड़ते हैं। पेन किलर के साइड इफेक्टस होते हैं। इनकी जगह आप अपने घर में दर्द निवारक तेल बनाकर उसकी मालिश कर सकते हो जिससे दर्द पल भर में दूर हो जाएगा और आपको इसका फायदा भी मिलेगा।आइये जानते हैं दर्द निवारक तेल बनाने का तरीका।



    दर्द नाशक तेल बनाने का तरीका :



    1. पहला तरीका : कांच कि शीशी में एक छोटा कपूरए पुदीने का रस एक छोटा चम्मचए एक चम्मच अजवायन को डालकर अच्छे से मिलाएं और इसमें एक चम्मच नीलगिरी का तेल डालकर इसे अच्छे से हिलाएं। अब इस तेल को दर्द वाली जगह पर लगाएं।

    2. दूसरा तरीका : तारपीन का तेल 60 ग्राम, कपूर 25 ग्राम। इन दोनों को मिलाकर किसी कांच की शीशी में भरकर इसे धूप में रख दें। और समय.समय पर इसे हिलाएं भी। जिससे कि इसमें मौजूद कपूर अच्छे से घुल जाए। अब आपका दर्द निवारक तेल तैयार है।

    3. तीसरा तरीका : पचास ग्राम सरसों के तेल को किसी बर्तन में डाल दें। और उसमें दो गांठ छिला और पिसा हुआ लहसुन का पेस्ट और एक चम्मच सेंधा नमक को डाल कर इसे गैस या चूले पर तब तक पकाते रहें जब तक इसमें मौजूद लहसुन काला न पड़ जाए। फिर बाद में इसे ठंडा करके किसी छोटी बोतल या कांच की शीशी में भर कर रख लें।

    इन तीनों तेलों को आप अलग-अलग बनाकर बोतलों या कांच की शीशीयों में भरकर रख लें। ये तेल दर्द निवारक तेल गठिया के दर्द कमर के दर्द जोड़ों के दर्द और शरीर के अन्य किसी हिस्से में होने वाले दर्द में राहत देते हैं।



    साइटिका, रिंगन बाय, जोड़ों के दर्द, घुटनो के दर्द, कंधे की जकड़न, कमर दर्द के लिए एक अद्भुत तेल

    साइटिका, रिंगन बाय, गृध्रसी, जोड़ों के दर्द, घुटनो के दर्द, कंधे की जकड़न एक टांग मे दर्द (साइटिका, रिंगन बाय, गृध्रसी), गर्दन का दर्द (सर्वाइकल स्पोंडोलाइटिस), कमर दर्द आदि के लिए ये तेल अद्भुत रिजल्ट देता हैं। दर्द भगाएँ चुटकी में एक बार जरूर अपनाएँ। ये चिकित्सा आयुर्वेद विशेषज्ञ “श्री श्याम सुंदर” जी ने अपनी पुस्तक रसायनसार मे लिखी हैं। मैं इस तेल को पिछले 2 सालों से बना रहा हूँ और प्रयोग कर रहा हूँ। कोई भी तेल जैसे महानारायण तेल, आयोडेक्स, मूव, वोलीनी आदि इसके समान प्रभावशाली नहीं है। एक बार आप इसे जरूर बनाए।



    आवश्यक सामग्री :

    कायफल = 250 ग्राम,

    तेल (सरसों या तिल का) = 500 ग्राम,

    दालचीनी = 25 ग्राम

    कपूर = 5 टिकिया

    कायफल- “यह एक पेड़ की छाल है” जो देखने मे गहरे लाल रंग की खुरदरी लगभग 2 इंच के टुकड़ों मे मिलती है। ये सभी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी बेचने वाली दुकानों पर कायफल के नाम से मिलती है। इसे लाकर कूट कर बारीक पीस लेना चाहिए। जितना महीन/ बारीक पीसोगे उतना ही अधिक गुणकारी होगा।



    तेल बनाने की विधि :

    एक लोहे/ पीतल/एल्यूमिनियम की कड़ाही मे तेल गरम करें। जब तेल गरम हो जाए तब थोड़ा थोड़ा करके कायफल का चूर्ण डालते जाएँ। आग धीमी रखें। फिर इसमें दालचीनी का पाउडर डालें। जब सारा चूर्ण खत्म हो जाए तब कड़ाही के नीचे से आग बंद कर दे। एक कपड़े मे से तेल छान ले। तेल ठंडा हो जाए तब कपड़े को निचोड़ लें। यह तेल हल्का गरम कर फिर उसमें 5 कपूर की टिकिया मिला दे या तेल में अच्छे से कपूर मिक्स हो जाये इसलिए इसका पाउडर बना कर डाले तो ठीक होगा। इस तेल को एक बोतल मे रख ले। कुछ दिन मे तेल मे से लाल रंग नीचे बैठ जाएगा। उसके बाद उसे दूसरी शीशी मे डाल ले।



    प्रयोग विधि :

    अधिक गुणकारी बनाने के लिए इस साफ तेल मे 25 ग्राम दालचीनी का मोटा चूर्ण डाल दे। जो कायफल का चूर्ण तेल छानने के बाद बच जाए उसी को हल्का गरम करके उसी से सेके। उसे फेकने की जरूरत नहीं। हर रोज उसी से सेके।

    जहां पर भी दर्द हो इसे हल्का गरम करके धीरे धीरे मालिश करें। मालिश करते समय हाथ का दबाव कम रखें। उसके बाद सेक जरूर करे।

    बिना सेक के लाभ कम होता है। मालिस करने से पहले पानी पी ले। मालिश और सेक के 2 घंटे बाद तक ठंडा पानी न पिए।

    कुछ अन्य उपाये करें

    गेंहूं के दाने के बराबर चुना दूध छोड़कर किसी भी तरल पेय में पथरी की समस्या हो तो न ले

    या

    2 चम्मच मेथी रात को एक गिलास पानी मे भिगो दें सुबह इस पानी को पिये व मेथी को चबाकर खाये

    या

    हरड़ को गौमुत्र में भिगोकर रातभर के लिए सुबह इसे साँवली छाँव में सुखाकर अरण्ड के तेल में भूनकर पाउडर बनाले इस पाउडर का एक चम्मच या भुने हरड़ का एक पीस भोजन के बाद ले गुनगुने जल के साथ

    या

    सुबह प्रतिदिन एक चम्मच अरण्ड का तेल गौमुत्र के साथ सेवन करें

    या

    प्रतिदिन एक कप गौमुत्र पिये सर्वरोगनाशक हेतु

    या

    बराबर मात्रा में मेथी हल्दी सौठ का चूर्ण बनाकर रखे सुबह शाम भोजन के बाद एक चम्मच गर्म जल या गर्म पानी के साथ सेवन करे

    जब दर्द बिस्तर पर लेटा कर छोड़ दे आर्थत सर्जरी की नौबत आये तब इस दिव्य औषधि का उपयोग करें

    हरसिंगार (पारिजात) के पत्तो की चटनी 2 चम्मच बनाये और एक गिलास पानी मे उबाले जब पानी आधा रह जाये तो इसे रातभर छोड़ दे सुबह इस पानी को पी ले 3 माह लगातार

    आयूर्वेद के खान पान के यम नियम का पालन अवश्य करें

    वन्देमातरम
    आपका अनुज
    गोविन्द शरण प्रसाद
    9958148111
     
  2. aaj ki achibaat

    aaj ki achibaat New Member

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    Ayurvedic treatment for gathiya in hindi: अगर आप गठिया रोग से होने वाले दर्द से पीड़ित है तो आज मैं आपको बताऊंगा gathiya bai Ka ilaj hindi me तथा Arthritiskaise hota h आदि सब की जानकारी इस लेख को पढ़ के आपको अवश्य मिल जाएगी।
    [​IMG]

    gathiya bai Ka ilaj

    (•) क्या आप गठिया रोग से परेशान है ?
    (•) क्या आपकी हड्डियों के जोड़ों में दर्द है?
    (•) क्या आपके घुटनों के दर्द ने आप का जीना मुश्किल कर दिया है
    (•) क्या आप सारा दिन इस दर्द से तंग रहते हैं
    (•) क्या आपको भी बहुत सारी अंग्रेजी दवाइयां खाने के बाद भी आपको आराम नहीं आया
    (•) क्या आप भी इस दर्द से छुटकारा पाना चाहते हैं
    (•) क्या आपकी भी हड्डियों के जोड़ों में सूजन आ गई है

    तो चलिए मैं आपके लिए एक ऐसा Ayurvedic treatment for gathiya in hindi लेकर आया हूं
    जो मैंने खुद आसपास के बड़े बुजर्गो से जानकारी इकट्ठी की है जो की बहुत उपयोगी है जिसे अपनाकर उन्होंने अपना दर्द खत्म किया है जिन आयुर्वेदिक तरीकों को अपनाकर उन्होंने गठिया रोग को दूर किया है और उन्होंने वह सारे आयुर्वेदिक तरीके मुझे बताएं और उन्होंने कहा कि गठिया कोई खतरनाक बीमारी नहीं है कि जो कभी ठीक ही नहीं हो सकती , यह बहुत मामूली सी बीमारी है अगर कुछ Ayurvedic treatment for gathiya in hindi का इस्तेमाल करें उन्होंने मुझे बहुत सी बातों के बारे में बताया
    मुझे उनकी बातो को सुनकर और उनके शरीर को देखकर मुझे भी उनके ऊपर विश्वास हो गया
    Ayurvedic treatment for gathiya in hindi
    [​IMG]

    1.(gathiya ka ayurvedic upchar)हल्दी के बारे में कहा = जब मैं उनसे बातें कर रहा था तब उन्होंने मुझे यह बताया कि बेटा हल्दी बहुत गर्म होती है और शरीर के अंदर के दर्द को खत्म कर देती है और गठिया बाई को मार देती है तो हर रोज एक चम्मच हल्दी को गर्म दूध में डालकर पीड़ित व्यक्ति को दें और फटाफट से आराम आएगा
    2. पानी के बारे में बताया= उन्होंने कहा बेटा पानी एक ऐसी चीज है जो गठिया की बीमारी का कारण भी बन सकती है और गठिया की बीमारी को खत्म भी कर सकती है पहले तो मैंने मन में सोचा कि गठिया की बीमारी को पानी कैसे बढ़ा सकता है तो फिर उन्होंने कहा कि अगर बेटा पानी को खड़े होकर पीते हो ना तो उसको बंद कर दो नहीं तो गठिया हो सकता है और कहा दिन में 15 से 17 गिलास पानी के पियो और पीड़ित व्यक्ति को पिलाओ इस से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में जितने भी हानिकारक पदार्थ हैं सारे मूत्र के जरिए बाहर आ जाएंगे
    3. लहसुन के बारे में बताया = बड़े ब्जूर्गो ने अपनी यह राय दी कि बेटा लहसुन होता तो बहुत छोटा सा है पर है बहुत काम की चीज लहसुन को कूटकर दूध में मिलाकर पीड़ित व्यक्ति को दे और उसको जल्दी ही राहत आएगी और अगर ना रात आई तो मेरे पास आना और यह बात सुनकर मेरा विश्वास और बढ़ गया और मैंने सोचा यह
    gathiya ka ramban ilaj बहुत उपयोगी है
    4. बताएं जैतून के तेल के फायदे = उन्होंने कहा बेटा हमारे गांव में टिंकू की दादी ने अपने गठिया की बीमारी में जैतून के तेल से अपने सारे शरीर को रगड़ा और हर रोज रगड़ा और आज वह पूरे गांव में घूमती है मटकती हुई
    5. मेथी के बीज को बहुत उपयोगी बताया = उन्होंने कहा मेथी होती तो छोटी सी पर काम बहुत बड़े-बड़े करती है गठिया बाई को दूर करती है अगर मेथी को रात के समय पानी मे डालकर रख दें और सुबह रोटी खाने से पहले खाए गा ना तो गठिया की बीमारी ठीक हो जाएगी
     
  3. aaj ki achibaat

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    Ayurvedic treatment for gathiya in hindi: अगर आप गठिया रोग से होने वाले दर्द से पीड़ित है तो आज मैं आपको बताऊंगा gathiya bai Ka ilaj hindi me तथा Arthritiskaise hota h आदि सब की जानकारी इस लेख को पढ़ के आपको अवश्य मिल जाएगी।
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    gathiya bai Ka ilaj

    (•) क्या आप गठिया रोग से परेशान है ?
    (•) क्या आपकी हड्डियों के जोड़ों में दर्द है?
    (•) क्या आपके घुटनों के दर्द ने आप का जीना मुश्किल कर दिया है
    (•) क्या आप सारा दिन इस दर्द से तंग रहते हैं
    (•) क्या आपको भी बहुत सारी अंग्रेजी दवाइयां खाने के बाद भी आपको आराम नहीं आया
    (•) क्या आप भी इस दर्द से छुटकारा पाना चाहते हैं
    (•) क्या आपकी भी हड्डियों के जोड़ों में सूजन आ गई है

    तो चलिए मैं आपके लिए एक ऐसा Ayurvedic treatment for gathiya in hindi लेकर आया हूं
    जो मैंने खुद आसपास के बड़े बुजर्गो से जानकारी इकट्ठी की है जो की बहुत उपयोगी है जिसे अपनाकर उन्होंने अपना दर्द खत्म किया है जिन आयुर्वेदिक तरीकों को अपनाकर उन्होंने गठिया रोग को दूर किया है और उन्होंने वह सारे आयुर्वेदिक तरीके मुझे बताएं और उन्होंने कहा कि गठिया कोई खतरनाक बीमारी नहीं है कि जो कभी ठीक ही नहीं हो सकती , यह बहुत मामूली सी बीमारी है अगर कुछ Ayurvedic treatment for gathiya in hindi का इस्तेमाल करें उन्होंने मुझे बहुत सी बातों के बारे में बताया
    मुझे उनकी बातो को सुनकर और उनके शरीर को देखकर मुझे भी उनके ऊपर विश्वास हो गया
    Ayurvedic treatment for gathiya in hindi
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    1.(gathiya ka ayurvedic upchar)हल्दी के बारे में कहा = जब मैं उनसे बातें कर रहा था तब उन्होंने मुझे यह बताया कि बेटा हल्दी बहुत गर्म होती है और शरीर के अंदर के दर्द को खत्म कर देती है और गठिया बाई को मार देती है तो हर रोज एक चम्मच हल्दी को गर्म दूध में डालकर पीड़ित व्यक्ति को दें और फटाफट से आराम आएगा
    2. पानी के बारे में बताया= उन्होंने कहा बेटा पानी एक ऐसी चीज है जो गठिया की बीमारी का कारण भी बन सकती है और गठिया की बीमारी को खत्म भी कर सकती है पहले तो मैंने मन में सोचा कि गठिया की बीमारी को पानी कैसे बढ़ा सकता है तो फिर उन्होंने कहा कि अगर बेटा पानी को खड़े होकर पीते हो ना तो उसको बंद कर दो नहीं तो गठिया हो सकता है और कहा दिन में 15 से 17 गिलास पानी के पियो और पीड़ित व्यक्ति को पिलाओ इस से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में जितने भी हानिकारक पदार्थ हैं सारे मूत्र के जरिए बाहर आ जाएंगे
    3. लहसुन के बारे में बताया = बड़े ब्जूर्गो ने अपनी यह राय दी कि बेटा लहसुन होता तो बहुत छोटा सा है पर है बहुत काम की चीज लहसुन को कूटकर दूध में मिलाकर पीड़ित व्यक्ति को दे और उसको जल्दी ही राहत आएगी और अगर ना रात आई तो मेरे पास आना और यह बात सुनकर मेरा विश्वास और बढ़ गया और मैंने सोचा यह
    gathiya ka ramban ilaj बहुत उपयोगी है
    4. बताएं जैतून के तेल के फायदे = उन्होंने कहा बेटा हमारे गांव में टिंकू की दादी ने अपने गठिया की बीमारी में जैतून के तेल से अपने सारे शरीर को रगड़ा और हर रोज रगड़ा और आज वह पूरे गांव में घूमती है मटकती हुई
    5. मेथी के बीज को बहुत उपयोगी बताया = उन्होंने कहा मेथी होती तो छोटी सी पर काम बहुत बड़े-बड़े करती है गठिया बाई को दूर करती है अगर मेथी को रात के समय पानी मे डालकर रख दें और सुबह रोटी खाने से पहले खाए गा ना तो गठिया की बीमारी ठीक हो जाएगी
     

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